Monday, March 25, 2019

दक्षिण की ‘अयोध्या’: सांप्रदायिकता यहां छिपी है, चुनाव में निकलती है

अमित कुमार निरंजन, कोयम्बटूर (तमिलनाडु). दोपहर ढाई बजे के करीब 40 डिग्री के तापमान में सड़कों के साथ-साथ राजनीति पार्टियों के कार्यालय भी लगभग सूने पड़े थे। एआईएडीएमके के ऑफिस में एक कार्यकर्ता एम स्वामी ने बताया- बड़े नेता टिकट के लिए दिल्ली और चेन्नई में कई दिनों से डेरा जमाए हुए हैं। चुनाव का मिजाज भांपने के लिए मैंने बात आगे बढ़ाई लेकिन कुछ बताने के पहले उसने मुझसे पूछा कि आप मुस्लिम हैं या हिन्दू। (कुछ क्षण रुक) मैंने जवाब दिया उत्तर भारत का हिन्दू। उसके माथे की लकीरें थोड़ी नरम पड़ीं। लेकिन मंदिर-मस्जिद से हजारों किमी दूर ऐसे सवाल ने मुझे चौंका दिया...मैंने सवाल की वजह पूछ ही ली। बातचीत में पता चला यहां 1998 में हुए सीरियल ब्लास्ट ने करीब 60 जानें ही नहीं ली थीं...बल्कि भरोसे की भी हत्या कर दी थी। स्वामी हंसते हुए बोला...आप दाढ़ी से हिन्दू नहीं लगते।

बहरहाल, यहां से मैंने भाजपा दफ्तर की ओर रवानगी ली। यहां हथियारबंद पुलिसकर्मी दिखे। स्टाफ ने बताया कि यहां सुरक्षा की हर दिन की रिपोर्ट दिल्ली जाती है। 21 साल पहले 14 फरवरी के दिन आडवाणी की सभा से ठीक पहले यहां धमाके हुए थे। लोगों के दिमाग में उस घटना की दर्दनाक यादें अब भी बसी हुई हैं। हालांकि, सांप्रदायिकता को तमिलनाडु ने कभी मौका नहीं दिया। इसके बावजूद  दो साल पहले इस मुद्दे को दोबारा उभारने की कोशिश की गई थी। तब हिन्दू मुंनड़ी संगठन के नेता शशि कुमार की हत्या कर दी गई थी, काेयम्बटूर बंद हो गया था। यही वजह है कोयम्बूटर में एआईएडीएमके ने भाजपा को यह सीट दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस सीट का असर कोयम्बूटर के साथ-साथ तिरुपुर, डिंडीगल, पोलाची, मदुरई, शिवगंगा, रामनाथपुरम और थेनी सीट पर भी दिख सकता है। हालांकि कोयम्बटूर से सटे नीलगिरिस और इरोड में कामगारों के मुद्दे ज्यादा प्रभावी हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञ सत्यमूर्थी कहते हैं भाजपा ने जैसे अयोध्या को धर्म की राजनीति का केन्द्र बना दिया, वैसा ही कोयम्बटूर में करे तो हैरत नहीं होगी। कोयम्बटूर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य करुप्पू सामी ने बताया कि हिन्दू मुंनड़ी का असर कोयम्बटूर और इसके आसपास सात से आठ सीटों पर है। 1998 के ब्लास्ट के बाद से ये संगठन बहुत ज्यादा बड़ा हो गया है। हालांकि पूरे कोयम्बटूर में सिर्फ 10-15% ही अल्पसंख्यक हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष  सी आर नंदा कुमार भी इस बात काे स्वीकारते हैं सात-आठ सीटों पर हिन्दूवादी संगठन हिन्दू मुंदड़ी बहुत मजबूत है और इन लोकसभा क्षेत्रों में सांप्रदायिकता मुद्दा अंडर करंट है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ और सिर्फ विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी।

उधर, कोयम्बटूर के ऊपरी हिस्से में नीलगिरिस लोकसभा क्षेत्र है। यहां चाय की पत्ती का सही दाम न मिलना बड़ा मुद्दा रहा है। यहां 40% परिवार चाय के धंधे से जुड़े हैं। एंटीइंकम्बेंसी एआईएडीएमके को नुकसान दे सकती है। उधर, इरोड सीट का पूरा क्षेत्र उद्योगों पर आधारित है। करीब 50 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े उ‌‌द्योग हैं। नोटबंदी और जीएसटी के बाद करीब 70% उद्योगों पर इसका सीधा असर पड़ा है। यह भाजपा-एआईएडीएमके को नुकसान पहुंचा सकता है। वक्त पर सैलरी न मिलना, और कुछ छोटे उद्योगों के बंद होने के का मुद्दा एआईएडीएमके और भाजपा गठबंधन के लिए दिक्कत दे सकता है। इन दोनों ही जगहों से एआईएडीमके अपने उम्मीदवार उतार रही है।

चुनावी गणित : अभी सारी सीटें अम्मा की पार्टी के पास

गठबंधन: अकेले नहीं उतरेगी भाजपा-कांग्रेस

कोयम्बटूर, रामनाथ पुरम, शिवगंगा में भाजपा, बाकी सीटों पर एआईएडीएमके उतरेगी। कांग्रेस का डीएमके व अन्य दलों के साथ अलायंस है। नीलगिरीस, डिंडीगल, पोलाची पर डीएमके लड़ेगी। काेयम्बटूर और मदुरई में सीपीआई (एम), इरोड में एमडीएमके लड़ेगी। कांग्रेस को शिवगंगा और थेनी सीट मिली है। आईयूएमएल रामनाथपुरम और सीपीआई तिरुपुर में उतरेगी।

मुद्दे : तमिलनाडु में हिंदुत्व फैक्टर
यूं तो तमिलनाडु में सांप्रदायिकता मुद्दा नहीं है। लेकिन हिन्दू मुड़नी संगठन की वजह से कोयम्बटूर, तिरुपुर, डिंडीगल, थेनी, मदुरई, रामनाथ पुरम, शिवगंगा, पुडुकोटि सीटों पर सांप्रदायिकता के मुद्दे का अंडर करंट है। कोयम्बटूर तमिलनाडु का अकेला ऐसा क्षेत्र जहां पुलवामा और एयर स्ट्राइक का सबसे ज्यादा असर है।

जाति :  कोंडर और नायडू वोट निर्णायक
इरोड और नीलगिरीस को छोड़कर अन्य आठ सीटों पर अल्पसंख्यक वोट संख्या की औसत संख्या करीब 10 से 15 फीसदी है। वहीं कोंडर और नायडू जाति के कुल वोटर करीब 45% है। माना जाता है कि यह परंपरागत वोट है जो एमजीआर से काफी प्रभावित रहा है। इस वजह से एआईएडीएमके की स्थिति कुछ मजबूत नजर आती है।

2014 की स्थिति... भाजपा-कांग्रेस कहीं नहीं थीं
सीट: कोयम्बटूर, नीलगिरीस, इरोड, तिरुपुर, डिंडीगल, थेनी, मदुरई और रामनाथपुरम्, शिवगंगा, पोलाची।

एआईएडीएमके के पास थीं सारी सीटें।

स्टालिन की परीक्षा : जयललिता और करुणानिधि दोनों अब दुनिया में नहीं हैं। फिर भी समर्थक इन्हें पूज रहे हैं। पारदर्शी शर्ट की जेब में नेता का फोटो रखने का फैशन इसी से उपजा है। एआईएडीएमके बिना चेहरे के मैदान में है। वहीं डीएमके के स्टालिन की इस बार बड़ी परीक्षा है।

Monday, March 18, 2019

कर्नाटक में राहुल गांधी ने रैली से पहले मनोहर पर्रिकर के लिए रखा मौन

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल हर दिन दिलचस्प मोड़ ले रहा है. महागठबंधन से आउट कांग्रेस की दरियादिली भी बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को रास नहीं आ रही है. उन्होंने साफ कह दिया है कि भारतीय जनता पार्टी को परास्त करने के लिए सपा-बसपा का गठबंधन काफी है, ऐसे में कांग्रेस जबरदस्ती सीट छोड़ने का भ्रम न फैलाए. मायावती के इस रुख का सपा ने भी समर्थन किया है, जिसपर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दो टूक अंदाज में जवाब दिया है.

लोकसभा चुनाव के लिए मिशन साउथ को फतह करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार दक्षिण भारत के राज्यों का दौरा कर रहे हैं. इस कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष सोमवार को हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के लिए आज कलबुर्गी में चुनाव रैली को संबोधित करने पहुंचे थे. रैली को संबोधित करने से पहले राहुल गांधी ने बीजेपी नेता और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के लिए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रर्थाना की.

बता दें कि मनोहर पर्रिकर का 63 साल की उम्र में रविवार को निधन हो गया है. वो पिछले एक साल कैंसर से जूझ रहे थे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद नेताओं के साथ मनोहर पर्रिकर को याद किया. वहां उन्होंने रैली को संबोधित करने से पहले गोवा सीएम के लिए दो मिनट का मौन रखा. मौन रखकर कांग्रेस अध्यक्ष ने बड़ा संदेश देने की कोशिश की है.

कलबुर्गी लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा और इस सीट से लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने खड़गे के संसदीय सीट से कर्नाटक में चुनावी अभियान की शुरुआत की है.

इस दौरान वे गुलबर्गा में परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया. इसके साथ उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया. राहुल कर्नाटक दौरे पर बेंगलुरु में उद्यमियों के साथ संवाद भी करेंगे.

बता दें कि मनोहर पर्रिकर के बीमारी के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गोवा जाकर उनसे मुलाकात भी की थी. राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट करके कहा था 'गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन की सूचना से मैं बहुत दुखी हूं. वह एक साल तक पूरे साहस से अपनी बीमारी से लड़ते रहे. दलगत राजनीति से इतर सभी उनका मान-सम्मान करते थे और वह गोवा के सबसे लोकप्रिय लोगों में से एक थे. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजन के साथ हैं.'

इससे पहले मायावती ने ट्वीट कर लिखा, 'बीएसपी एक बार फिर साफ तौर पर स्पष्ट कर देना चाहती है कि उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में कांग्रेस पार्टी से हमारा कोई भी किसी भी प्रकार का तालमेल व गठबंधन आदि बिल्कुल भी नहीं है. हमारे लोग कांग्रेस पार्टी द्वारा आये दिन फैलाये जा रहे किस्म-किस्म के भ्रम में कतई ना आयें.'

इसके अलावा मायावती ने कांग्रेस को यूपी की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे दी. मायावती ने अपने ट्वीट में लिख दिया कि यूपी में हमारा गठबंधन अकेले बीजेपी को पराजित करने में पूरी तरह से सक्षम है. कांग्रेस जबरदस्ती यूपी में गठबंधन के लिए 7 सीटें छोड़ने की भ्रान्ति ना फैलाये. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूपी में पूरी तरह आजाद है और वह सभी 80 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर चुनाव लड़े.

यूपी लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा और आरएलडी मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. बसपा 38 और सपा 37 सीटों पर गठबंधन में चुनाव लड़ रही है. जबकि दो सीटें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (अमेठी) व उनकी मां सोनिया गांधी (रायबरेली) के लिए छोड़ी गई हैं. इसके अलावा बाकी बची तीन सीटें आरएलडी को दी गई हैं.

Friday, March 15, 2019

कल आ सकती है BJP की पहली लिस्ट, मोदी-राजनाथ की सीट का ऐलान संभव

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में अब कुछ ही दिन बचे हैं. ऐसे में हर पार्टी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर रही है. भारतीय जनता पार्टी भी शनिवार को अपनी लिस्ट जारी कर सकती है. भारतीय जनता पार्टी अपनी पहली लिस्ट में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट का ऐलान कर सकती है. 2014 में पीएम मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़ा था और प्रधानमंत्री के पद पर सवार हुए थे.

शनिवार शाम चार बजे भारतीय जनता पार्टी की बड़ी बैठक होगी. बीजेपी केंद्रीय चुनाव आयोग समिति की होने वाली इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय जनता पार्टी शनिवार को ही 100 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर सकती है.

बताया जा रहा है कि इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा, राधामोहन सिंह की सीटों का ऐलान हो सकता है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी वाराणसी से सांसद हैं, बीते दिनों ऐसी अटकलें थीं कि वह ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं.

हालांकि, किसी तरह की पुष्टि नहीं हो पाई थी. 2014 में प्रधानमंत्री ने वाराणसी के अलावा गुजरात के वडोदरा से भी चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि, बाद में उन्होंने वडोदरा सीट को छोड़ दिया था.

11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण में कुल 91 सीट पर चुनाव होना है, जिसके लिए बीजेपी उम्मीदवारों का ऐलान होना बाकी है. पहले चरण में उत्तर प्रदेश की भी 8 सीटें हैं. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अभी तक अपने कई उम्मीदवारों का ऐलान कर चुके हैं. 

ठन भी दावा करते हैं कि वे अप्रवासियों और जातीय अल्पसंख्यकों द्वारा खड़ी की गई आर्थिक और सांस्कृतिक खतरों से अपनी आजीविका को संरक्षित करके औसत मेहनती यूरोपीय लोगों की रक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं.

प्रो. चितामणी महापात्रा का कहना है कि आम तौर पर देखा गया है कि जब इन देशों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है तो इस तरह की घटनाएं नहीं होती. लेकिन ब्रेक्जिट के बाद यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता आने के साथ ही वैश्विक स्तर पर मंदी का दौर चल रहा है. इसलिए इस तरह के हमले का कारण सांस्कृतिक और आर्थिक अनिश्चितता हो सकता है.

यूरोप में कई घोर दक्षिणपंथी दलों ने अप्रवासी विरोधी और विशेष रूप से मुस्लिम-विरोधी जेनोफोबिया (विदेशी लोगों को नापसंद करना) को अपनी पार्टी के प्लेटफार्म पर नैतिक-राष्ट्रवाद की अवधारणा के माध्यम से प्रभावित किया है. इनका विचार है कि एक राष्ट्र को एक जातीयता से बनाया जाना चाहिए. ये दल बहुसंस्कृतिवाद को मूल राष्ट्रीय पहचान के विनाश के लिए एक कोड़ के रूप में देखते हैं.

Monday, March 11, 2019

प्रियंका गांधी का मेगा प्लान, यूपी में करेंगी तूफानी दौरे

लखनऊ में रोड शो के बाद कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा अब मेगा प्लान की तैयारी कर रही हैं. चुनाव तारीखों का ऐलान होने के बाद प्रियंका गांधी अब यूपी के तूफानी दौरे करने जा रही हैं.

कल यानी 12 मार्च को अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक होने जा रही है, जो बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद तनावपूर्ण हालात के चलते टाल दी गई थी. इस बैठक में शिरकत करने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा यूपी का दौरा करेंगी.

इसके अलावा कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी करेगी. बताया जा रहा है कि इसमें 20 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान होगा, जबकि 11 नामों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है. यह लिस्ट कभी भी आ सकती है.

बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों पर भी प्रियंका गांधी की नजर है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस दूसरी लिस्ट जारी करने से पहले बीजेपी उम्मीदवारों की सूची का भी आकलन करेगी.

बता दें कि सक्रिय राजनीति में आने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने ठीक एक महीने पहले 11 फरवरी को लखनऊ में रोड शो किया था. उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे. रोड शो के बाद राहुल गांधी ने दोनों नेताओं को यूपी में कांग्रेस को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी थी. हालांकि, रोड शो के बाद पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से मीटिंग के अलावा उन्होंने कोई सार्वजनिक कार्यक्रम या जनसभा में हिस्सा नहीं लिया है. अब जबकि पहले चरण के मतदान में महज एक महीना बाकी है, तो प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी में जोर-शोर से चुनाव प्रचार करने का निर्णय लिया है.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन का मानना है कि ‘शेन वॉर्न की तरह के ड्रिफ्ट’ के कारण कुलदीप यादव का सामना करना युजवेंद्र चहल की तुलना में अधिक मुश्किल है. कुलदीप और चहल ने छोटे प्रारूप में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को परेशान किया है.

इस बारे में पूछने पर हेडन ने पीटीआई से कहा, ‘लेग स्पिनर आपको विकल्प और विविधता देते हैं. विशेष तौर पर अगर आप कुलदीप को देखें, तो उनका मजबूत पक्ष यह नहीं है कि वह गेंद को कितना अधिक स्पिन करा सकते हैं, बल्कि यह है कि उनकी गेंदें शेन वॉर्न की गेंदों की तरह बल्लेबाज तक पहुंचती हैं.’

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अपने शीर्ष समय के दौरान हरभजन सिंह और अनिल कुंबले के खिलाफ काफी सफल रहे हेडन का हालांकि मानना है कि चहल का सामना किया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘चहल अलग तरह के गेंदबाज हैं. वह स्टंप पर गेंदबाजी करते हैं. वह सपाट और सीधी गेंद फेंकते हैं. उन्हें ड्रिफ्ट नहीं मिलता. अगर मैं खिलाड़ी होता, तो मैं चहल का सामना करने को प्राथमिकता देता, क्योंकि उन्हें ड्रिफ्ट नहीं मिलता.’

Tuesday, March 5, 2019

वीके सिंह बोले- 250 आतंकियों की मौत को अनुमान ही रहने दीजिए

भारत के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का वो वीडियो तो आपको याद ही होगा जिसे पाकिस्तान ने कई बार एडिट किया. इस वीडियो में पाकिस्तानी सेना ने जबरन उनसे भारतीय मीडिया की बुराई करवाई. अब पाकिस्तान को भारत पूर्व सेना प्रमुख और विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर बड़ा खुलासा किया है. मंगलवार को वीके सिंह ने कहा कि एयरस्ट्राइक सिर्फ एक जगह हुई थी. उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ने टारगेट को सावधानीपूर्वक चुना था, ताकि रिहाईशी इलाका या कोई आम नागरिक इसकी चपेट में न आ जाए.

250 आतंकियों के मारे जाने को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वीके सिंह ने कहा कि यह आंकड़ा इस पर आधारित था, जो बिल्डिंग में रह रहे थे. यह एक अनुमान है. वह (अमित शाह) इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं. उन्होंने (अमित शाह)  कई आतंकियों के मारे जाने की बात कही थी.

जनरल वीके सिंह ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर भी आपत्ति जताई. बता दें, दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को अपने ट्वीट में पुलवामा आतंकी हमले को एक दुर्घटना करार दिया. उन्होंने लिखा, 'किन्तु पुलवामा दुर्घटना के बाद हमारी वायु सेना द्वारा की गयी “एयरस्ट्राइक" के बाद कुछ विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी भारत सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है.'

इसका जवाब देते हुए जनरल वीके सिंह ने कहा कि उचित सम्मान के साथ मैं दिग्विजय सिंह जी से पूछना चाहूंगा कि क्या राजीव गांधी की हत्या एक दुर्घटना थी या एक आतंकी घटना? इन बेहूदा बयानों से देश और हमारे सशस्त्र बलों के मनोबल को कमजोर मत करो.

वीके सिंह ने पाकिस्तान को दी धमकी

भारत की परमाणु क्षमता और उसके उपयोग पर वीके सिंह ने कहा कि भारत एक जिम्मेदार देश है और हम अपनी न्यूक्लियर ताकत का पहले इस्तेमाल नहीं करते हैं, लेकिन अगर कोई हम पर इस्तेमाल करते हैं, तो हम दुश्मन को नष्ट करने की स्थिति में हैं. हमारे पास जमीन, हवा और समुद्र से इसका इस्तेमाल करने की क्षमता है.

दिग्विजय सिंह ने पूछा था सवाल

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी से कई सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री जी आपकी सरकार के कुछ मंत्री कहते हैं 300 आतंकवादी मारे गए. भाजपा अध्यक्ष कहते हैं 250 मारे हैं, योगी आदित्यनाथ कहते हैं 400 मारे गये और आपके मंत्री SS Ahluwalia कहते एक भी नहीं मरा. और आप इस विषय में मौन हैं. देश जानना चाहता है कि इसमें झूठा कौन है.

आपको बता दें कि पाकिस्तान की सेना ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के कुछ वीडियो जारी किए थे. इसमें उन्होंने पाकिस्तानी सेना की तारीफ की थी और कहा था कि भारत की मीडिया हर बात को बड़ा चढ़ाकर पेश करती है. करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में करीब 20 कट्स थे.

तब भी पाकिस्तान के इस वीडियो का तब भी भारत के लोगों ने कड़ा जवाब दिया था. भारत सरकार की ओर से भी पाकिस्तानी करतूत की आलोचना की गई थी.

पाकिस्तान की पनाह में बैठकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद भारत के खिलाफ साजिश रचता है. ऐसा ही एक पाक परस्त आतंकी संगठन ईरान में भी सक्रिय है, जिसका नाम है जैश-अल-अदल. ये पाकिस्तान के सिस्तान बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय एक सलाफ़ी जिहादी आतंकवादी संगठन है. जो ईरान में कई हमलों को अंजाम दे चुका है.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार से सबक लेते हुए भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव से ऐन पहले अपने किले को दुरुस्त करने में जुट गई है. प्रदेश में  दो दशक के बाद पहली बार आदिवासी वोट बैंक बीजेपी के हाथों से फिसला है. ऐसे में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित लोकसभा सीटों पर बीजेपी को कड़ी चुनौती मिल रही है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूबे के धार में रैली के जरिए आदिवासियों को साधने के लिए आज उतर रहे हैं.

مخضرما في صناعة الإعلام، وقد أصدر أكثر من كتاب يتضمن

وقد عَمَد كافيت إلى محاورة ضيوفه والانخراط في نقاشات صريحة معهم، بطئيس الاباحية الجنس & أنيل الجنس جمع الأمريكي، مايك بنس، بزيارة مست...