Wednesday, February 13, 2019

मोदी को ‘मुलायम’ आशीर्वाद पर असहज थीं सोनिया गांधी, ऐसा रहा रिएक्शन

16वीं लोकसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने भारतीय राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया. समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपने अंतिम भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्तमान कार्यकाल के लिए बधाई दी और कहा कि उनकी कामना है कि आप फिर प्रधानमंत्री बनें.

मुलायम जब बयान दे रहे थे, तो सदन का माहौल एक दम से बदल गया. उनके बगल में बैठीं यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी का चेहरे का भाव भी एक दम बदला और वह इधर-उधर देखने लगीं.

मुलायम सिंह यादव जब बोलने खड़े हुए तो उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ही ये कहते हुए कि उनकी कामना है कि यहां मौजूद सांसद दोबारा जीत कर आएं. इस पर सदन में ठहाके लगे तो सोनिया गांधी भी मुस्कुरा दीं. लेकिन जब कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि हम (विपक्ष) संख्या में कम हैं, इसलिए वह कामना करते हैं कि आप (नरेंद्र मोदी) ही प्रधानमंत्री बनें.

मुलायम के इस बयान के बाद सोनिया गांधी कुछ देर के लिए असहज हुईं और इधर-उधर देखने लगीं. हालांकि, बाद में वह हल्का-सा मुस्कुराईं भीं. वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष की ओर बैठे सांसदों ने तालियां बजाईं और जय श्री राम के नारे भी लगाए. जबकि मुलायम सिंह यादव की इस बधाई का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए दिया.

गौरतलब है कि ये पहला मौका नहीं है जब मुलायम सिंह यादव और नरेंद्र मोदी के बीच की ये दोस्ती दुनिया के सामने आई हो. इससे पहले भी कई बार नरेंद्र मोदी मुलायम सिंह यादव की तारीफ कर चुके हैं, तो योगी आदित्यनाथ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे थे तो कान में की गई दोनों की बातचीत काफी चर्चा का विषय बनी थी.

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की बात करें तो 15वीं लोकसभा में कुल 37 प्रस्ताव आए जबकि 16वीं लोकसभा में 18 प्रस्ताव आए. 15वीं लोकसभा में सांसदों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर विभिन्न मंत्रालयों द्वारा 598 बयान जारी किए गए तो वहीं 16वीं लोकसभा में 659 बयान दिए गए. तारांकित प्रश्नों की बात करें तो 15वीं लोकसभा में इस तरह के 650 प्रश्नों का जवाब दिया गया. जबकि 16वीं लोकसभा में 1169 तारांकित प्रश्नों का जवाब दिया गया. इस लिहाज से 16वीं लोकसभा में तारांकित प्रश्नों के जवाब की संख्या में 79.84 फीसदी बढ़ोतरी हुई. अगर गैर-तारांकित प्रश्नों की बात करें तो 15वीं लोकसभा में इसकी संख्या 73,160 रही जबकि 16वीं लोकसभा में गैर-तारांकित प्रश्नों की संख्या 73,405 रही.

सांसदों द्वारा उठाए गए किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर आधे घंटे की चर्चा कराने के मामले में 15वीं लोकसभा आगे रही. जहां 15वीं लोकसभा में 7 आधे घंटे की बहस हुई जबकि 16वीं लोकसभा में 5 आधे घंटे की चर्चा हुई. प्राइवेट मेंबर बिल की बात करें तो 16वीं विधानसभा में इसकी संख्या तीन गुना बढ़ी. जहां 15वीं लोकसभा में 372 प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश किए गए तो वहीं 16वीं लोकसभा में 1117 प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश हुए. इसके अलावा विभिन्न समितियों की रिपोर्ट के मामले में 15वीं लोकसभा में 652 रिपोर्ट और 16वीं लोकसभा में 715 रिपोर्ट पेश किए गए.

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