इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp का सपोर्ट आज यानी 31 दिसंबर 2018 से कुछ स्मार्टफोन मॉडल्स के लिए बंद किया जा रहा है. कंपनी ने पहले ही ऐलान किया था कि कुछ पुराने स्मार्टफोन में WhatsApp का सपोर्ट नहीं दिया जाएगा. यानी आज इसकी आखिरी तारीख है. 31 दिसंबर 2017 यानी आज से ठीक एक साल पहले Windows 8.0, BlackBerry 10 और BlackBerry OS से वॉट्सऐप का सपोर्ट खत्म कर दिया गया था.
अब कंपनी Nokia S40 सिरीज के मोबाइल से WhatsApp का सपोर्ट खत्म कर रही है. भारत में नोकिया Series 40 स्मार्टफोन्स काफी पॉपुलर थे और नोकिया के मुताबिक कंपनी ने भारत में Nokia S40 वाले करोड़ों स्मार्टफोन बेचे थे, लेकिन एंड्रॉयड के आने से इनकी बिक्री गिर गई. अब इस ओएस का कोई मोबाइल फोन नहीं मिलता है.
इसके अलावा अगर आपके स्मार्टफोन में Android 2.3.7 Gingerbread है तो आपके लिए वॉट्सऐप का सपोर्ट मिलेगा. लेकिन 2020 में इन स्मार्टफोन में भी वॉट्सऐप काम करना बंद कर देगा. iPhone यूजर्स की बात करें तो अगर आपके पास ऐसे iPhone हैं जिनमें iOS 7 है तो 2020 में कंपनी सपोर्ट बंद कर देगी.
क्यों इन स्मार्टफोन से बंद किया जा रहा है WhatsApp
वॉट्सऐप के स्टेटमेंट के मुताबिक यह फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि वॉट्सऐप के कुछ फीचर्स इन्हें सपोर्ट नहीं करते हैं और न ही इन प्लेटफॉर्म के लिए कंपनी कोई डेवेलपमेंट केरेगी. कंपनी ने कहा है कि ये मोबाइल फोन्स वॉट्सऐप और इसके फीचर के हिसाब से क्षमता वाले नहीं हैं. इस वजह से इन स्मार्टफोन्स में वॉट्सऐप चलना बंद होगा.
सिडनी टेस्ट में नहीं खेलेंगे 'हिटमैन' रोहित, इस वजह से मुंबई हुए रवाना
ऑस्ट्रेलिया दौरे में तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 12 जनवरी को होगी. ऑस्ट्रेलिया दौरे में पहला वनडे मुकाबला सिडनी में होगा, जहां भारतीय टीम टेस्ट सीरीज का चौथा और आखिरी मैच खेलेगी. इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे में कीवियों के खिलाफ 5 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी, जिसका पहला मैच 23 जनवरी को नेपियर में खेला जाएगा.
धोनी की वापसी हैरानी का सबब रही, क्योंकि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले महीने ही टी-20 टीम से बाहर कर दिया गया था. चयनकर्ताओं ने उस समय यह तर्क दिया था कि उन्हें दूसरे विकेटकीपर की तलाश है. इसके बाद यह माने जाने लगा था कि उनका टी-20 करियर लगभग खत्म है. धोनी के चयन को सही ठहराते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा,‘अब सिर्फ आठ वनडे मैच खेले जाने हैं, तो चयनकर्ता धोनी को विश्व कप से पहले पूरा समय देना चाहते हैं. तीन टी-20 का मतलब है कि अगले एक महीने में वह 11 मैच खेल सकेंगे.’
Monday, December 31, 2018
Monday, December 17, 2018
मराठों को आरक्षण मिल सकता है, तो मुसलमानों को क्यों नहीं
आजतक के महामंच 'एजेंडा आजतक' में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी ने शिरकत की. इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने आरक्षण पर बात करते हुए कहा कि मराठों और बाकि जाति के लोगों को जब आरक्षण मिल सकता है तो मुसलमानों को क्यों नहीं मिल सकता.
औवेसी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सच्चर कमेटी की बात करते हैं तो इसको आपने कितना लागू किया. आप मुस्लिम आरक्षण की बात करते हैं, पांच साल कर्नाटक में आपकी(बीजेपी) सरकार थी, तब आपने मुस्लिमों को आरक्षण दिया? उन्होंने कहा कि मुस्लिमों में भी कई जातियां होती हैं जिनको आप आरक्षण दे सकते हैं.
औवेसी ने कहा कि संविधान हमको 1950 में मिला और इस देश को आजाद हुए 70 साल हो गए, मैं भी इस देश का नागरिक हूं. अगर मोदी सरकार मुस्लिमों को बराबर का नागरिक मानती है तो हमें संवैधानिक अधिकार दीजिए. आर्टिकल 15 और 16 के तहत हमको आरक्षण मिलना चाहिए.
औवेसी के इस बयान का जवाब देते हुए बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमने स्किल इंडिया कार्यक्रम शुरू किया. उसके सबसे ज्यादा लाभार्थी मुस्लिम वर्ग के लोग हैं. हमने सभी योजनाएं सबके लिए शुरू की. आप(औवेसी) गुजरात को लेकर बोलते हैं. गुजरात में मुस्लिमों का प्रतिशत 7.5 से 8.5 प्रतिशत है. सरकारी नौकरी में 7.5 से 8.5 प्रतिशत है. और बंगाल में मुस्लिम 27 फीसदी हैं. सरकारी नौकरी में 1.8 फीसदी मुस्लिम हैं. यह हकीकत है.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 1931 में जो जनगणना हुई थी उसमें भारत की साक्षरता दर 8 फीसदी थी.और यूपी में मुस्लिम समाज की साक्षरता दर 24 फीसदी थी. जबकि ब्राह्मण की सिर्फ 15 फीसदी थी. क्योंकि तब जाति के आधार पर जनगणना हुई थी. मुस्लिमों को सिर्फ बेवकूफ बनाया गया है.
सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर जवाब देते हुए औवेसी ने कहा कि आखिर जब हम इतने पीछे हो गए हैं तो हमें आरक्षण दीजिए. आप(बीजेपी) गुजरात की बात करते हैं, बीजेपी के कितने मुस्लिम सांसद लोकसभा में जीत के आए. आखिरी बार गुजरात में मुस्लिम सांसद ने 25 साल पहले जीता था.
इस पर जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अगर मुस्लिमों को पढ़ने के मौके नहीं मिले, इसके सबूत हों तो उनको आरक्षण दिया जा सकता है. आपको पढ़ने का मौका मिला और आपने पढ़ना छोड़ दिया, इसपर आरक्षण नहीं दिया जा सकता. उन्होंने कहा कि संविधान में धार्मिक आधार पर आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है. धार्मिक आधार पर सिर्फ एक बार आरक्षण दिया गया था इस देश में, 1916 में. वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने कहा कि अगर जाति के आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है तो धर्म के आधार पर क्यों नहीं दिया जा सकता.
औवेसी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप सच्चर कमेटी की बात करते हैं तो इसको आपने कितना लागू किया. आप मुस्लिम आरक्षण की बात करते हैं, पांच साल कर्नाटक में आपकी(बीजेपी) सरकार थी, तब आपने मुस्लिमों को आरक्षण दिया? उन्होंने कहा कि मुस्लिमों में भी कई जातियां होती हैं जिनको आप आरक्षण दे सकते हैं.
औवेसी ने कहा कि संविधान हमको 1950 में मिला और इस देश को आजाद हुए 70 साल हो गए, मैं भी इस देश का नागरिक हूं. अगर मोदी सरकार मुस्लिमों को बराबर का नागरिक मानती है तो हमें संवैधानिक अधिकार दीजिए. आर्टिकल 15 और 16 के तहत हमको आरक्षण मिलना चाहिए.
औवेसी के इस बयान का जवाब देते हुए बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमने स्किल इंडिया कार्यक्रम शुरू किया. उसके सबसे ज्यादा लाभार्थी मुस्लिम वर्ग के लोग हैं. हमने सभी योजनाएं सबके लिए शुरू की. आप(औवेसी) गुजरात को लेकर बोलते हैं. गुजरात में मुस्लिमों का प्रतिशत 7.5 से 8.5 प्रतिशत है. सरकारी नौकरी में 7.5 से 8.5 प्रतिशत है. और बंगाल में मुस्लिम 27 फीसदी हैं. सरकारी नौकरी में 1.8 फीसदी मुस्लिम हैं. यह हकीकत है.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 1931 में जो जनगणना हुई थी उसमें भारत की साक्षरता दर 8 फीसदी थी.और यूपी में मुस्लिम समाज की साक्षरता दर 24 फीसदी थी. जबकि ब्राह्मण की सिर्फ 15 फीसदी थी. क्योंकि तब जाति के आधार पर जनगणना हुई थी. मुस्लिमों को सिर्फ बेवकूफ बनाया गया है.
सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर जवाब देते हुए औवेसी ने कहा कि आखिर जब हम इतने पीछे हो गए हैं तो हमें आरक्षण दीजिए. आप(बीजेपी) गुजरात की बात करते हैं, बीजेपी के कितने मुस्लिम सांसद लोकसभा में जीत के आए. आखिरी बार गुजरात में मुस्लिम सांसद ने 25 साल पहले जीता था.
इस पर जवाब देते हुए बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अगर मुस्लिमों को पढ़ने के मौके नहीं मिले, इसके सबूत हों तो उनको आरक्षण दिया जा सकता है. आपको पढ़ने का मौका मिला और आपने पढ़ना छोड़ दिया, इसपर आरक्षण नहीं दिया जा सकता. उन्होंने कहा कि संविधान में धार्मिक आधार पर आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है. धार्मिक आधार पर सिर्फ एक बार आरक्षण दिया गया था इस देश में, 1916 में. वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने कहा कि अगर जाति के आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है तो धर्म के आधार पर क्यों नहीं दिया जा सकता.
Thursday, December 13, 2018
3 कट्स के साथ रिलीज होगी गोविंदा की रंगीला राजा, CBFC पर लगाए थे आरोप
लंबे समय से विवादों में घिरी गोविंदा की फिल्म "रंगीला राजा" के निर्माताओं के लिए राहत की खबर है. फिल्म सर्टिफिकेशन अपीलेट ट्रिब्यूनल (FCAT) ने 3 कट्स के साथ मूवी को U/A सर्टिफिकेट दे दिया है. बता दें कि रंगीला राजा के कई सीन्स पर CBFC ने आपत्ति जताई थी.
सेंसर बोर्ड ने फिल्म से डबल मीनिंग डायलॉग और गाली-गलौज भरे शब्दों को हटाने को कहा था. जिसकी वजह फिल्म के प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी और सेंसर बोर्ड की ठन गई थी. ये लड़ाई इतनी आगे जा पहुंची कि पहलाज निहलानी को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था. आखिर में निहलानी की मशक्कत रंग लाई और ट्रिब्यूनल बोर्ड ने रंगीला राजा को 3 कट के साथ पास कर दिया है.
ट्रिब्यूनल बोर्ड (Film Certification Appellate Tribunal) ने फिल्म पर CBFC द्वारा लगाये गए 30 कट्स को हटाकर सिर्फ 3 कट्स लगाए गए. रंगीला राजा में गोविंदा बेहद अलग किरदार में नजर आएंगे. फिल्म 11 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
फिल्म को लेकर सेंसर के रवैये से पहलाज निहलानी और गोविंदा काफी नाराज थे. एक बयान में एक्टर ने कहा था, "मेरी फिल्में सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाती थीं. मेरी फिल्मों को पिछले 9 सालों से निशाना बनाया जा रहा है. मैं इस सब राजनीति से बाहर हूं. कुछ लोग हैं जो मुझे अभिनय करने के लिए जगह नहीं दे रहे हैं. मुझे समझ नहीं आता कि मैंने क्या गलती की है." निहलानी ने भी सेंसर पर गंभीर आरोप लगाए थे.
बाद में श्रीसंत दीपिका की दी हुई चीजों को वापस करने लगे. दीपिका ये रवैया देखकर हैरान-परेशान हो जाती हैं. वे श्रीसंत से बार-बार पूछती हैं कि वे ऐसा बिहेव क्यों कर रहे हैं? लेकिन एक्ट्रेस को कोई जवाब नहीं मिलता. इसके बाद दीपिका रोते हुए वॉशरूम में चली जाती हैं. फैंस को श्रीसंत को ये बचकाना एटिट्यूड पसंद नहीं आ रहा है. इसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने श्रीसंत के दीपिका संग बनाए भाई-बहन के रिश्ते को फर्जी तक बता दिया है.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है. इसमें सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महासचिवों को बुलाया गया है. इस बैठक में जनवरी के दूसरे हफ़्ते में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के एजेंडे को लेकर चर्चा होगी. विधानसभा चुनाव में मिली हार और 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैसे संगठन को तैयार करना है, स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की रणनीति कैसे बनाई जाए इस पर चर्चा होगी.
केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर पहुंचाया जाए इस पर भी चर्चा होगी. बीजेपी शासित राज्यों में सरकार और पार्टी के बीच समन्वय को कैसे बेहतर किया जाए इस पर भी जोर दिया जाएगा. बीजेपी शासित राज्यों में रिक्त सरकारी और राजनीतिक पदों पर पार्टी नेताओं की नियुक्तियां जल्द हों, इस पर भी विचार विमर्श किए जाने की संभावना है.
सेंसर बोर्ड ने फिल्म से डबल मीनिंग डायलॉग और गाली-गलौज भरे शब्दों को हटाने को कहा था. जिसकी वजह फिल्म के प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी और सेंसर बोर्ड की ठन गई थी. ये लड़ाई इतनी आगे जा पहुंची कि पहलाज निहलानी को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था. आखिर में निहलानी की मशक्कत रंग लाई और ट्रिब्यूनल बोर्ड ने रंगीला राजा को 3 कट के साथ पास कर दिया है.
ट्रिब्यूनल बोर्ड (Film Certification Appellate Tribunal) ने फिल्म पर CBFC द्वारा लगाये गए 30 कट्स को हटाकर सिर्फ 3 कट्स लगाए गए. रंगीला राजा में गोविंदा बेहद अलग किरदार में नजर आएंगे. फिल्म 11 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
फिल्म को लेकर सेंसर के रवैये से पहलाज निहलानी और गोविंदा काफी नाराज थे. एक बयान में एक्टर ने कहा था, "मेरी फिल्में सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाती थीं. मेरी फिल्मों को पिछले 9 सालों से निशाना बनाया जा रहा है. मैं इस सब राजनीति से बाहर हूं. कुछ लोग हैं जो मुझे अभिनय करने के लिए जगह नहीं दे रहे हैं. मुझे समझ नहीं आता कि मैंने क्या गलती की है." निहलानी ने भी सेंसर पर गंभीर आरोप लगाए थे.
बाद में श्रीसंत दीपिका की दी हुई चीजों को वापस करने लगे. दीपिका ये रवैया देखकर हैरान-परेशान हो जाती हैं. वे श्रीसंत से बार-बार पूछती हैं कि वे ऐसा बिहेव क्यों कर रहे हैं? लेकिन एक्ट्रेस को कोई जवाब नहीं मिलता. इसके बाद दीपिका रोते हुए वॉशरूम में चली जाती हैं. फैंस को श्रीसंत को ये बचकाना एटिट्यूड पसंद नहीं आ रहा है. इसके बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने श्रीसंत के दीपिका संग बनाए भाई-बहन के रिश्ते को फर्जी तक बता दिया है.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है. इसमें सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महासचिवों को बुलाया गया है. इस बैठक में जनवरी के दूसरे हफ़्ते में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के एजेंडे को लेकर चर्चा होगी. विधानसभा चुनाव में मिली हार और 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैसे संगठन को तैयार करना है, स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की रणनीति कैसे बनाई जाए इस पर चर्चा होगी.
केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर पहुंचाया जाए इस पर भी चर्चा होगी. बीजेपी शासित राज्यों में सरकार और पार्टी के बीच समन्वय को कैसे बेहतर किया जाए इस पर भी जोर दिया जाएगा. बीजेपी शासित राज्यों में रिक्त सरकारी और राजनीतिक पदों पर पार्टी नेताओं की नियुक्तियां जल्द हों, इस पर भी विचार विमर्श किए जाने की संभावना है.
Monday, December 10, 2018
कांग्रेस के जीत के पोस्टर पर शिवराज का जवाब- ये दावे हैं, दावे ही रहेंगे
ये हास्यास्पद है कि विधानसभा चुनाव के परिणाम आने बाकी हैं, उसके पहले ही पोस्टर लगा दिए, मंत्रिमंडल की घोषणा कर दी गई। ये दावे हैं, दावे ही रहेंगे। ये सिर्फ कार्यकर्ताओं को रोके रखने का तरीका है। अब हाथ कंगन को आरसी क्या। मंगलवार को आने वाले चुनाव परिणामों से साफ हो जाएगा कि भाजपा भारी बहुमत से सरकार बना रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश कार्यालय में हुई पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए जीत के पोस्टर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, संगठन मंत्री सुहास भगत, महामंत्री बीडी शर्मा समेत तमाम पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। भाजपा ने प्रदेश कार्यालय को मतगणना के दौरान हेड क्वार्टर बनाया है, राकेश सिंह यहीं बैठकर प्रदेश से आ रहे परिणामों की जानकारी लेंगे।
असल में, मतगणना से पहले ही कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए धन्यवाद के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। पोस्टर में कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाने पर जनता का अभिनंदन किया गया है। इससे पहले कांग्रेस प्रत्याशियों की बैठक में प्रत्याशियों को भावी मंत्री और विधायक बताने वाले पोस्टर लग चुके हैं।
कमलनाथ ने फिर से अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि इस बार मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 140 सीटें मिलेंगी। इतना ही नहीं उन्होंने सर्वे और ज्योतिषियों को भविष्यवाणी को दरकिनार करते हुए कहा, प्रदेश के मतदाता कांग्रेस को सत्ता में लाएंगे। वहीं स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कई दिनों से जमे कार्यकर्ताओं की भी उन्होंने जमकर तारीफ की और उन्हें धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री बनने के सवाल को कमलनाथ टालते हुए कमलनाथ ने कहा, "हम 140 सीटें जीत रहे हैं। इंतजार कीजिए मंगलवार को नतीजे आने वाले हैं। सब साफ हो जाएगा।"
पारी का 12वां ओवर अश्विन ने फेंका। आखिरी गेंद पर फिंच सामने थे। उन्होंने गेंद को खेलने की कोशिश की, लेकिन विकेट के पीछे ऋषभ ने उनका कैच पकड़ लिया। अंपायर ने आउट दे दिया, लेकिन फिंच को लगा कि शायद वे आउट नहीं हैं। उन्होंने इस बारे में कुछ क्षण हैरिस से बातचीत की और फिर पवेलियन की ओर बढ़ गए। उस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 28 रन था।
दूसरा विकेट : ऑस्ट्रेलिया के स्कोर में 16 रन ही और जुड़े थे कि मोहम्मद शमी की गेंद को कट करने की कोशिश में मार्क्स हैरिस विकेट के पीछे ऋषभ के हाथों लपके गए। उन्होंने 26 रन बनाए।
तीसरा विकेट : फिंच के आउट होने पर मैदान में उस्मान ख्वाजा आठ रन पर थे। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन की एक गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने की कोशिश की, लेकिन स्वीपर कवर में रोहित शर्मा ने उनका शानदार कैच पकड़ लिया। उस समय टीम का स्कोर 60 रन था।
चौथा विकेट : शुरुआती तीन बल्लेबाजों के आउट होने के बाद शॉन मार्श और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने चौथे विकेट के लिए 24 रन जोड़ लिए थे। तभी भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इशांत शर्मा की जगह शमी को गेंद थमाई। शमी ने पांचवीं गेंद पर पीटर हैंड्सकॉम्ब को मिड-विकेट पर चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच आउट करा दिया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए जीत के पोस्टर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, संगठन मंत्री सुहास भगत, महामंत्री बीडी शर्मा समेत तमाम पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। भाजपा ने प्रदेश कार्यालय को मतगणना के दौरान हेड क्वार्टर बनाया है, राकेश सिंह यहीं बैठकर प्रदेश से आ रहे परिणामों की जानकारी लेंगे।
असल में, मतगणना से पहले ही कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए धन्यवाद के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। पोस्टर में कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाने पर जनता का अभिनंदन किया गया है। इससे पहले कांग्रेस प्रत्याशियों की बैठक में प्रत्याशियों को भावी मंत्री और विधायक बताने वाले पोस्टर लग चुके हैं।
कमलनाथ ने फिर से अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि इस बार मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 140 सीटें मिलेंगी। इतना ही नहीं उन्होंने सर्वे और ज्योतिषियों को भविष्यवाणी को दरकिनार करते हुए कहा, प्रदेश के मतदाता कांग्रेस को सत्ता में लाएंगे। वहीं स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कई दिनों से जमे कार्यकर्ताओं की भी उन्होंने जमकर तारीफ की और उन्हें धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री बनने के सवाल को कमलनाथ टालते हुए कमलनाथ ने कहा, "हम 140 सीटें जीत रहे हैं। इंतजार कीजिए मंगलवार को नतीजे आने वाले हैं। सब साफ हो जाएगा।"
पारी का 12वां ओवर अश्विन ने फेंका। आखिरी गेंद पर फिंच सामने थे। उन्होंने गेंद को खेलने की कोशिश की, लेकिन विकेट के पीछे ऋषभ ने उनका कैच पकड़ लिया। अंपायर ने आउट दे दिया, लेकिन फिंच को लगा कि शायद वे आउट नहीं हैं। उन्होंने इस बारे में कुछ क्षण हैरिस से बातचीत की और फिर पवेलियन की ओर बढ़ गए। उस समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 28 रन था।
दूसरा विकेट : ऑस्ट्रेलिया के स्कोर में 16 रन ही और जुड़े थे कि मोहम्मद शमी की गेंद को कट करने की कोशिश में मार्क्स हैरिस विकेट के पीछे ऋषभ के हाथों लपके गए। उन्होंने 26 रन बनाए।
तीसरा विकेट : फिंच के आउट होने पर मैदान में उस्मान ख्वाजा आठ रन पर थे। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन की एक गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने की कोशिश की, लेकिन स्वीपर कवर में रोहित शर्मा ने उनका शानदार कैच पकड़ लिया। उस समय टीम का स्कोर 60 रन था।
चौथा विकेट : शुरुआती तीन बल्लेबाजों के आउट होने के बाद शॉन मार्श और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने चौथे विकेट के लिए 24 रन जोड़ लिए थे। तभी भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इशांत शर्मा की जगह शमी को गेंद थमाई। शमी ने पांचवीं गेंद पर पीटर हैंड्सकॉम्ब को मिड-विकेट पर चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच आउट करा दिया।
Wednesday, December 5, 2018
क्या प्रेग्नेंट हैं अनुष्का शर्मा? एक्ट्रेस ने दिया ये जवाब
अनुष्का शर्मा इन दिनों अपकमिंग फिल्म जीरों की तैयारी में बिजी हैं. इस फिल्म में अनुष्का के साथ शाहरुख खान और कटरीना कैफ नजर आने वाले हैं. हाल ही फिल्म के प्रमोशन को लेकर अनुष्का शर्मा अपनी टीम के साथ कई इवेंट्स में नजर आई हैं. एक इवेंट के दौरान अनुष्का ने ये खुलासा किया कि वो प्रेग्नेंट हैं या नहीं. दरअसल, बीते दिनों ये खबर चर्चा में थी कि विराट कोहली-अनुष्का जल्द फैमिली प्लानिंग करने की सोच रहे हैं.
प्रेग्नेंसी पर अनुष्का ने कहा, "मुझे नहीं पता ये खबरें कहां से आती हैं. ये पूरी तरह से बेकार की बातें हैं. सबसे बड़ा फैक्ट ये है कि आप शादी तो छिपा सकते हैं लेकिन प्रेग्नेंसी नहीं. जब ऐसी खबरें आती हैं, उसके 4 महीने बाद उन खबरों का सच भी सामने आ जाता है क्योंकि प्रेग्नेंसी छिप नहीं सकती है."
अनुष्का ने कहा, "ऐसी खबरों से कई बार एक्ट्रेस को सामना करना पड़ता है, लेकिन मेरे लिए ये अफवाह कोई मायने नहीं रखती है. इन दिनों मैं लगातार काम कर रही हूं, इसलिए किसी और प्लानिंग के बारे में नहीं सोच रही हूं"
जीरो में अनुष्का का रोचक किरदार
शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा और कटरीना कैफ स्टारर फिल्म जीरो 21 दिसंबर को रिलीज हो रही है. इस फिल्म में सबसे ज्यादा सस्पेंस से घिरा अनुष्का का किरदार है. वे ट्रेलर में व्हीलचेयर पर बैठी नजर आईं. उन्हें बोलने में भी तकलीफ होती है. शाहरुख के किरदार को उनसे प्रेम हो जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीरो में अनुष्का शर्मा सेरेब्रल पाल्सी नाम की बीमारी से जूझ रही हैं. वे एक वैज्ञानिक की भूमिका में हैं. अनुष्का ने अपने किरदार के लिए तीन महीने कड़ी मेहनत की. इस दौरान ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और ऑडियोलॉजिस्ट की मदद ली. अनुष्का ने बताया, "मैं यह समझती थी कि यह भूमिका करने के दौरान मुझे किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और इसी कारण मैं यह भूमिका निभाने के लिए उत्साहित हुई."
फिल्म में सारा अली खान ने एक हिंदू लड़की की भूमिका निभाई है. सुशांत सिंह राजपूत एक मुस्लिम लड़के का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म में दोनों के बीच की प्रेम कहानी दिखाई गई है. इस प्रेम कहानी को कई लोग लव जिहाद का नाम भी दे रहे हैं. फिल्म के ट्रेलर में सुशांत-सारा को लिप लॉक करते भी दिखाया है, जो कि विवादों की वजह बन रहा है.
अभिषेक कपूर का निर्देशन:
आर्यन, काय पो चे और फितूर जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके अभिषेक कपूर एक बार फिर से वापसी कर रहे हैं. सुशांत जहां पहले भी काय पो चे में अभिषेक के साथ काम कर चुके हैं वहीं सारा के लिए यह पहली बार होगा कि जब वह अभिषेक के साथ काम करेंगी.
प्रेग्नेंसी पर अनुष्का ने कहा, "मुझे नहीं पता ये खबरें कहां से आती हैं. ये पूरी तरह से बेकार की बातें हैं. सबसे बड़ा फैक्ट ये है कि आप शादी तो छिपा सकते हैं लेकिन प्रेग्नेंसी नहीं. जब ऐसी खबरें आती हैं, उसके 4 महीने बाद उन खबरों का सच भी सामने आ जाता है क्योंकि प्रेग्नेंसी छिप नहीं सकती है."
अनुष्का ने कहा, "ऐसी खबरों से कई बार एक्ट्रेस को सामना करना पड़ता है, लेकिन मेरे लिए ये अफवाह कोई मायने नहीं रखती है. इन दिनों मैं लगातार काम कर रही हूं, इसलिए किसी और प्लानिंग के बारे में नहीं सोच रही हूं"
जीरो में अनुष्का का रोचक किरदार
शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा और कटरीना कैफ स्टारर फिल्म जीरो 21 दिसंबर को रिलीज हो रही है. इस फिल्म में सबसे ज्यादा सस्पेंस से घिरा अनुष्का का किरदार है. वे ट्रेलर में व्हीलचेयर पर बैठी नजर आईं. उन्हें बोलने में भी तकलीफ होती है. शाहरुख के किरदार को उनसे प्रेम हो जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीरो में अनुष्का शर्मा सेरेब्रल पाल्सी नाम की बीमारी से जूझ रही हैं. वे एक वैज्ञानिक की भूमिका में हैं. अनुष्का ने अपने किरदार के लिए तीन महीने कड़ी मेहनत की. इस दौरान ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और ऑडियोलॉजिस्ट की मदद ली. अनुष्का ने बताया, "मैं यह समझती थी कि यह भूमिका करने के दौरान मुझे किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और इसी कारण मैं यह भूमिका निभाने के लिए उत्साहित हुई."
फिल्म में सारा अली खान ने एक हिंदू लड़की की भूमिका निभाई है. सुशांत सिंह राजपूत एक मुस्लिम लड़के का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म में दोनों के बीच की प्रेम कहानी दिखाई गई है. इस प्रेम कहानी को कई लोग लव जिहाद का नाम भी दे रहे हैं. फिल्म के ट्रेलर में सुशांत-सारा को लिप लॉक करते भी दिखाया है, जो कि विवादों की वजह बन रहा है.
अभिषेक कपूर का निर्देशन:
आर्यन, काय पो चे और फितूर जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके अभिषेक कपूर एक बार फिर से वापसी कर रहे हैं. सुशांत जहां पहले भी काय पो चे में अभिषेक के साथ काम कर चुके हैं वहीं सारा के लिए यह पहली बार होगा कि जब वह अभिषेक के साथ काम करेंगी.
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مخضرما في صناعة الإعلام، وقد أصدر أكثر من كتاب يتضمن
وقد عَمَد كافيت إلى محاورة ضيوفه والانخراط في نقاشات صريحة معهم، بطئيس الاباحية الجنس & أنيل الجنس جمع الأمريكي، مايك بنس، بزيارة مست...
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