“花样”日趋多元、数量有增无减的寒假作业也让不少学生感到不堪重负。临近开学,一部以对做不完寒假作业的吐槽为主题的影片《流浪作业》也走红网络。该影片改编自《流浪地球》的预告片,并被网友戏称为“开学季史诗级灾难片”。据悉,其文案创作者是一名15岁初三学生。他自己的作业也直到开学日的凌晨四点才赶完,因而在《流浪地球》的视频页面发表评论,没想到却被制作成了视频,还引起了不少学生和家长的共鸣。
有部分家长表示,对于学科类作业,会及时督促孩子完成,但是有些需要动手实践的作业难住了孩子,拖到最后还是需要家长帮忙补。
唐女士在开学前一晚花了2个多小时帮儿子做花灯:“要画图还要钻孔,孩子根本做不出来。”北京某小学三年级学生家长张女士则帮儿子做了关于茶文化、礼文化的小报:“这些内容孩子根本就不懂,只能上网查相关资料帮他做。而且这类作业并不太重要,孩子把做题、背诵那些完成好就行。”顾明姐姐表示,有些形式化的作业,已经造成了家长的负担。“并不理解制作电子版作文集有什么意义,却需要花费家长不少时间。”
“很多学校在布置形式多元的作业时缺少相应的说明与指导,家长并没有真正理解这些作业对孩子成长的价值,这就会造成‘瞎折腾’的误解。”殷飞说,实践性作业本来是对理想教育的追求,也是学校教育改革的重要举措之一,但由于家校思想不统一,家庭教育水平、家庭资源存在差异,执行过程中存在问题。部分家庭教育能力强的家长对这些作业是欢迎的,也善于分解与引导。
在赵力看来,这类作业更能锻炼孩子的综合能力,而且平时学科类作业已经做了不少,家长应该利用好寒假时间鼓励孩子去观察、动手、思考。“一开始孩子肯定不会做,但是在家长的陪伴引导下他会逐渐进步。”赵力回忆,儿子小时候接到观察大蒜生长的假期作业时一头雾水,但在自己的提示引导下,他完成了测量、记录等过程。现在孩子五年级,刚刚独立完成了开展科学实验探究的寒假作业。
古城第二小学语文老师樊春兰强调,作业的主体应是学生,家长只是配合和辅助,比如帮孩子挑选照片、打印照片等。另一方面,要避免流于形式,提升实践性作业的效果,学校在设计作业时也可以更讲究技巧,并在完成方法等方面做好指导工作。
“在作业前期准备和后期展示方面都有提升空间。”北京市教科院基础教育教学研究中心综合实践活动教研室主任梁烜举例说,某中学曾经布置了体验春节传统习俗的寒假作业。放假前,老师就带着学生了解一些相关知识,并进行前期调研,制定假期实施计划;开学后,还要求同学们展示交流自己家乡的过年习俗,效果很好。她还建议学校围绕一个大的主题,多学科联动布置作业,每个学科安排不同的小任务。
在北京市教委下发的《关于做好2019年寒假工作的通知》中提到,落实减负,倡导探究式、体验式作业,引导学生走进社会和大自然,开展有利于激发求知欲、好奇心、发展兴趣特长的体验活动。同时,各学校应引导学生利用假期,深入阅读经典,充分领略中华传统节日背后的文化渊源。针对中小学生特点,深入挖掘春节所蕴藏的丰富教育资源,开展中华优秀传统文化和传统美德教育。
对于一些年轻父母来说,对于假期作业最深的印象就是每学科的“大本题”。但是,这样的作业在北京已经成为历史。赵力告诉记者,学校十多年前就不再统一订购成本的学科假期作业,书面作业很少。这两年则越来越重视传统文化和阅读相关的作业。今年寒假,赵力给学生布置的主要作业就是阅读文学经典。
学校在布置寒假作业时要想提高效果,可以从内容和方法两个方面努力,内容上要从单一走向多元,也就是不仅是知识类的作业,还需要加强能力类作业与社会拓展类作业的分量;方法上要从布置走向选择,也就是要多给学生选择的机会,同一类作业可以设计不同的内容供学生选择,这样也有利于学生个性的发展以及对不同家庭情况的尊重。
尤其是拓展性的作业,对教育改革而言是好的,但落实上还需要学校根据实际情况做好充分指导。一是对作业设计的意图与价值要给家长更多的指导,以期达成共识;二要对完成这些作业进行专业细致的指导,以提升家长的家庭教育指导能力;三要根据不同阶层的家庭进行区别要求,有可能的条件下还需要学校能够整合社会资源,帮助社会资源不足的家庭超越自身限制。
家长要提高对假期作业的重视程度,给予孩子适当的提醒和引导。刚刚放假时不必立刻要求孩子开始赶作业,可以先让孩子放松一下,然后根据作业量帮助孩子制定假期计划。同时,要关注孩子作业计划执行的情况,在他缺乏自主性或有拖延迹象的时候给予提醒,并通过奖惩措施提升孩子的执行能力。
另一方面,作业应该主要由学生本人完成,家长可以根据孩子的能力提一些建议或者给予帮助,但不能完全代劳。否则,孩子的依赖性会越来越强,也会丧失培养综合能力的机会。家长应该正确认识实践类作业的意义,而不只是关注孩子的学习成绩。
在完成作业的过程中,有些动手能力较差的孩子的确会感到困难,但家长不能因为着急或怕麻烦就替他做,也不必给孩子设置太高的要求,甚至拿来别人的优秀作品要求孩子模仿,陪伴他一起简单完成即可。而对于能力比较强的孩子,可以适当提一些建议,引导他完成得更好。总而言之,家长对待作业的态度会影响孩子的作业完成情况,假期作业是对家庭教育的一次考验。
Monday, February 25, 2019
Wednesday, February 13, 2019
मोदी को ‘मुलायम’ आशीर्वाद पर असहज थीं सोनिया गांधी, ऐसा रहा रिएक्शन
16वीं लोकसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने भारतीय राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया. समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपने अंतिम भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्तमान कार्यकाल के लिए बधाई दी और कहा कि उनकी कामना है कि आप फिर प्रधानमंत्री बनें.
मुलायम जब बयान दे रहे थे, तो सदन का माहौल एक दम से बदल गया. उनके बगल में बैठीं यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी का चेहरे का भाव भी एक दम बदला और वह इधर-उधर देखने लगीं.
मुलायम सिंह यादव जब बोलने खड़े हुए तो उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ही ये कहते हुए कि उनकी कामना है कि यहां मौजूद सांसद दोबारा जीत कर आएं. इस पर सदन में ठहाके लगे तो सोनिया गांधी भी मुस्कुरा दीं. लेकिन जब कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि हम (विपक्ष) संख्या में कम हैं, इसलिए वह कामना करते हैं कि आप (नरेंद्र मोदी) ही प्रधानमंत्री बनें.
मुलायम के इस बयान के बाद सोनिया गांधी कुछ देर के लिए असहज हुईं और इधर-उधर देखने लगीं. हालांकि, बाद में वह हल्का-सा मुस्कुराईं भीं. वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष की ओर बैठे सांसदों ने तालियां बजाईं और जय श्री राम के नारे भी लगाए. जबकि मुलायम सिंह यादव की इस बधाई का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए दिया.
गौरतलब है कि ये पहला मौका नहीं है जब मुलायम सिंह यादव और नरेंद्र मोदी के बीच की ये दोस्ती दुनिया के सामने आई हो. इससे पहले भी कई बार नरेंद्र मोदी मुलायम सिंह यादव की तारीफ कर चुके हैं, तो योगी आदित्यनाथ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे थे तो कान में की गई दोनों की बातचीत काफी चर्चा का विषय बनी थी.
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की बात करें तो 15वीं लोकसभा में कुल 37 प्रस्ताव आए जबकि 16वीं लोकसभा में 18 प्रस्ताव आए. 15वीं लोकसभा में सांसदों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर विभिन्न मंत्रालयों द्वारा 598 बयान जारी किए गए तो वहीं 16वीं लोकसभा में 659 बयान दिए गए. तारांकित प्रश्नों की बात करें तो 15वीं लोकसभा में इस तरह के 650 प्रश्नों का जवाब दिया गया. जबकि 16वीं लोकसभा में 1169 तारांकित प्रश्नों का जवाब दिया गया. इस लिहाज से 16वीं लोकसभा में तारांकित प्रश्नों के जवाब की संख्या में 79.84 फीसदी बढ़ोतरी हुई. अगर गैर-तारांकित प्रश्नों की बात करें तो 15वीं लोकसभा में इसकी संख्या 73,160 रही जबकि 16वीं लोकसभा में गैर-तारांकित प्रश्नों की संख्या 73,405 रही.
सांसदों द्वारा उठाए गए किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर आधे घंटे की चर्चा कराने के मामले में 15वीं लोकसभा आगे रही. जहां 15वीं लोकसभा में 7 आधे घंटे की बहस हुई जबकि 16वीं लोकसभा में 5 आधे घंटे की चर्चा हुई. प्राइवेट मेंबर बिल की बात करें तो 16वीं विधानसभा में इसकी संख्या तीन गुना बढ़ी. जहां 15वीं लोकसभा में 372 प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश किए गए तो वहीं 16वीं लोकसभा में 1117 प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश हुए. इसके अलावा विभिन्न समितियों की रिपोर्ट के मामले में 15वीं लोकसभा में 652 रिपोर्ट और 16वीं लोकसभा में 715 रिपोर्ट पेश किए गए.
मुलायम जब बयान दे रहे थे, तो सदन का माहौल एक दम से बदल गया. उनके बगल में बैठीं यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी का चेहरे का भाव भी एक दम बदला और वह इधर-उधर देखने लगीं.
मुलायम सिंह यादव जब बोलने खड़े हुए तो उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ही ये कहते हुए कि उनकी कामना है कि यहां मौजूद सांसद दोबारा जीत कर आएं. इस पर सदन में ठहाके लगे तो सोनिया गांधी भी मुस्कुरा दीं. लेकिन जब कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि हम (विपक्ष) संख्या में कम हैं, इसलिए वह कामना करते हैं कि आप (नरेंद्र मोदी) ही प्रधानमंत्री बनें.
मुलायम के इस बयान के बाद सोनिया गांधी कुछ देर के लिए असहज हुईं और इधर-उधर देखने लगीं. हालांकि, बाद में वह हल्का-सा मुस्कुराईं भीं. वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष की ओर बैठे सांसदों ने तालियां बजाईं और जय श्री राम के नारे भी लगाए. जबकि मुलायम सिंह यादव की इस बधाई का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए दिया.
गौरतलब है कि ये पहला मौका नहीं है जब मुलायम सिंह यादव और नरेंद्र मोदी के बीच की ये दोस्ती दुनिया के सामने आई हो. इससे पहले भी कई बार नरेंद्र मोदी मुलायम सिंह यादव की तारीफ कर चुके हैं, तो योगी आदित्यनाथ जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे थे तो कान में की गई दोनों की बातचीत काफी चर्चा का विषय बनी थी.
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की बात करें तो 15वीं लोकसभा में कुल 37 प्रस्ताव आए जबकि 16वीं लोकसभा में 18 प्रस्ताव आए. 15वीं लोकसभा में सांसदों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर विभिन्न मंत्रालयों द्वारा 598 बयान जारी किए गए तो वहीं 16वीं लोकसभा में 659 बयान दिए गए. तारांकित प्रश्नों की बात करें तो 15वीं लोकसभा में इस तरह के 650 प्रश्नों का जवाब दिया गया. जबकि 16वीं लोकसभा में 1169 तारांकित प्रश्नों का जवाब दिया गया. इस लिहाज से 16वीं लोकसभा में तारांकित प्रश्नों के जवाब की संख्या में 79.84 फीसदी बढ़ोतरी हुई. अगर गैर-तारांकित प्रश्नों की बात करें तो 15वीं लोकसभा में इसकी संख्या 73,160 रही जबकि 16वीं लोकसभा में गैर-तारांकित प्रश्नों की संख्या 73,405 रही.
सांसदों द्वारा उठाए गए किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर आधे घंटे की चर्चा कराने के मामले में 15वीं लोकसभा आगे रही. जहां 15वीं लोकसभा में 7 आधे घंटे की बहस हुई जबकि 16वीं लोकसभा में 5 आधे घंटे की चर्चा हुई. प्राइवेट मेंबर बिल की बात करें तो 16वीं विधानसभा में इसकी संख्या तीन गुना बढ़ी. जहां 15वीं लोकसभा में 372 प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश किए गए तो वहीं 16वीं लोकसभा में 1117 प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश हुए. इसके अलावा विभिन्न समितियों की रिपोर्ट के मामले में 15वीं लोकसभा में 652 रिपोर्ट और 16वीं लोकसभा में 715 रिपोर्ट पेश किए गए.
Wednesday, February 6, 2019
पाकिस्तान में ईशनिंदा का सबसे बदनाम मुक़दमा
अपने पति और बच्चे के साथ रहने वाली आसिया बीबी घर से निकलकर काम के लिए खेतों में गईं. लाहौर से दक्षिण पूर्व में क़रीब 40 मील दूरी पर उनका गांव इतानवाला काफी हरा भरा इलाक़ा है, जहां फलों के कई बगीचे हैं. ये पाकिस्तानी पंजाब के सबसे उपजाऊ इलाकों में एक है.
गांव की दूसरी महिलाओं की तरह आसिया इन बगीचों में काम करती थीं. वो जून का महीना था जब महिलाएं फालसा इकट्ठा करने के लिए खेतों में जमा हुई थीं. चिलचिलाती धूप में,कई घंटे काम करने के बाद थकी और प्यासी महिलाएं सुस्ताने के लिए थोड़ी देर बैठ गईं थी. किसी ने आसिया को नज़दीक के कुएं से पानी निकालकर लाने को कहा था.
उन्होंने पानी निकाला, जग में भरा और लाते वक्त प्यास के चलते उससे दो चार घूंट पानी पी लिया, इसके बाद उन्होंने जग मुस्लिम महिलाओं को थमाया. लेकिन वे सब इस बात से नाराज़ हो गईं.
आप भी सोच रहे होंगे, इसमें ऐसी कौन सी बात हो गई थी. दरअसल आसिया ईसाई हैं. पाकिस्तान में कई कट्टरपंथी मुसलमान दूसरी धार्मिक आस्था वाले के हाथों से खाना पीना पसंद नहीं करते हैं. वे मानते हैं कि जो मुसलमान नहीं हैं, वे अशुद्ध होते हैं.
साथ काम करने वाली महिलाओं ने आसिया से कहा कि तुम गंदी हो और तुम्हें उसी जग में पानी नहीं पीना चाहिए था. बात विवाद तक पहुंच गई, दोनों तरफ से कहासुनी भी हो गई.
पांच दिन बाद, आसिया के घर में जबरन पुलिस आ धमकी और कहा कि आसिया ने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है. घर के बाहर गुस्साई भीड़ थी, जिसमें गांव के मौलवी भी शामिल थे. वे आसिया पर ईशनिंदा का आरोप लगा रहे थे. आसिया को जबर्दस्ती खींचकर बाहर निकाला गया.
गुस्से से तमतमाई भीड़ ने पुलिस के सामने ही आसिया को पीटना शुरू कर दिया. आसिया को गिरफ़्तार किया गया और उन पर ईशनिंदा का मुक़दमा चला. सुनवाई के दौरान आसिया खुद को निर्दोष बताती रहीं, लेकिन साल 2010 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई. बीते नौ साल से वे जेल में एकांतवास या कहें काल कोठरी की सजा भुगत रहीं थीं.
पाकिस्तान में इस्लाम और पैगंबर के ख़िलाफ़ ईशनिंदा करने वालों को आजीवन कैद या फिर मौत की सजा दी जाती है. लेकिन कई बार ईशनिंदा के आरोप निजी खुन्नस निकालने के लिए लगाए जाते हैं. एक बार जिस किसी पर ईशनिंदा के आरोप लग जाते हैं तो सुनवाई शुरू होने से पहले ही उस पर और उसके परिवार वालों पर हमले शुरू हो जाते हैं.
मैं करीब साल भर पहले एक गोपनीय जगह पर आसिया के शौहर आशिक से मिली. आशिक और उनके बच्चे आसिया की गिरफ़्तारी के बाद इधर-उधर छिपकर रहने को मजबूर थे.
आशिक ने बताया, "अगर किसी क़रीबी की मौत हो जाए, तो कुछ दिनों में मरहम लग जाता है. लेकिन मां जीवित हो और उसे उसके बच्चों से अलग कर दिया जाए... जिस तरह से आसिया हम लोगों के बीच से ले जाई गईं थीं, तब दुख हद से गुजर जाता है."
पर्दे से घिरे बरामदे में बैठे आशिक खुद को संयत रखने की भरसक कोशिश करते हैं लेकिन कई बार उनका चेहरा गमगीन हो उठता है.
"हर पल डर में रह रहे हैं, सुरक्षा का डर हमेशा सताता है. हम लोगों के साथ कुछ भी हो सकता है. मैं बच्चों को केवल स्कूल भेजता हूं, घर के बाहर खेलने पर रोक लगी है, हम सबकी आज़ादी छिन चुकी है."
"असुरक्षा औरअनिश्चितता के कई साल बीतने के बाद भी आशिक ने आसिया को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी. मैंने अपनी आज़ादी खोई, मेरा घर और मेरी आजीविका सब छीन गई, लेकिन मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी. मैं आसिया की रिहाई के लिए कोशिश करता रहा."
गांव की दूसरी महिलाओं की तरह आसिया इन बगीचों में काम करती थीं. वो जून का महीना था जब महिलाएं फालसा इकट्ठा करने के लिए खेतों में जमा हुई थीं. चिलचिलाती धूप में,कई घंटे काम करने के बाद थकी और प्यासी महिलाएं सुस्ताने के लिए थोड़ी देर बैठ गईं थी. किसी ने आसिया को नज़दीक के कुएं से पानी निकालकर लाने को कहा था.
उन्होंने पानी निकाला, जग में भरा और लाते वक्त प्यास के चलते उससे दो चार घूंट पानी पी लिया, इसके बाद उन्होंने जग मुस्लिम महिलाओं को थमाया. लेकिन वे सब इस बात से नाराज़ हो गईं.
आप भी सोच रहे होंगे, इसमें ऐसी कौन सी बात हो गई थी. दरअसल आसिया ईसाई हैं. पाकिस्तान में कई कट्टरपंथी मुसलमान दूसरी धार्मिक आस्था वाले के हाथों से खाना पीना पसंद नहीं करते हैं. वे मानते हैं कि जो मुसलमान नहीं हैं, वे अशुद्ध होते हैं.
साथ काम करने वाली महिलाओं ने आसिया से कहा कि तुम गंदी हो और तुम्हें उसी जग में पानी नहीं पीना चाहिए था. बात विवाद तक पहुंच गई, दोनों तरफ से कहासुनी भी हो गई.
पांच दिन बाद, आसिया के घर में जबरन पुलिस आ धमकी और कहा कि आसिया ने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है. घर के बाहर गुस्साई भीड़ थी, जिसमें गांव के मौलवी भी शामिल थे. वे आसिया पर ईशनिंदा का आरोप लगा रहे थे. आसिया को जबर्दस्ती खींचकर बाहर निकाला गया.
गुस्से से तमतमाई भीड़ ने पुलिस के सामने ही आसिया को पीटना शुरू कर दिया. आसिया को गिरफ़्तार किया गया और उन पर ईशनिंदा का मुक़दमा चला. सुनवाई के दौरान आसिया खुद को निर्दोष बताती रहीं, लेकिन साल 2010 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई. बीते नौ साल से वे जेल में एकांतवास या कहें काल कोठरी की सजा भुगत रहीं थीं.
पाकिस्तान में इस्लाम और पैगंबर के ख़िलाफ़ ईशनिंदा करने वालों को आजीवन कैद या फिर मौत की सजा दी जाती है. लेकिन कई बार ईशनिंदा के आरोप निजी खुन्नस निकालने के लिए लगाए जाते हैं. एक बार जिस किसी पर ईशनिंदा के आरोप लग जाते हैं तो सुनवाई शुरू होने से पहले ही उस पर और उसके परिवार वालों पर हमले शुरू हो जाते हैं.
मैं करीब साल भर पहले एक गोपनीय जगह पर आसिया के शौहर आशिक से मिली. आशिक और उनके बच्चे आसिया की गिरफ़्तारी के बाद इधर-उधर छिपकर रहने को मजबूर थे.
आशिक ने बताया, "अगर किसी क़रीबी की मौत हो जाए, तो कुछ दिनों में मरहम लग जाता है. लेकिन मां जीवित हो और उसे उसके बच्चों से अलग कर दिया जाए... जिस तरह से आसिया हम लोगों के बीच से ले जाई गईं थीं, तब दुख हद से गुजर जाता है."
पर्दे से घिरे बरामदे में बैठे आशिक खुद को संयत रखने की भरसक कोशिश करते हैं लेकिन कई बार उनका चेहरा गमगीन हो उठता है.
"हर पल डर में रह रहे हैं, सुरक्षा का डर हमेशा सताता है. हम लोगों के साथ कुछ भी हो सकता है. मैं बच्चों को केवल स्कूल भेजता हूं, घर के बाहर खेलने पर रोक लगी है, हम सबकी आज़ादी छिन चुकी है."
"असुरक्षा औरअनिश्चितता के कई साल बीतने के बाद भी आशिक ने आसिया को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी. मैंने अपनी आज़ादी खोई, मेरा घर और मेरी आजीविका सब छीन गई, लेकिन मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी. मैं आसिया की रिहाई के लिए कोशिश करता रहा."
Monday, February 4, 2019
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने बताया, किस एक्ट्रेस संग जमेगी अर्जुन कपूर की जोड़ी?
बॉलीवुड गलियारों में अर्जुन कपूर और मलाइका अरोड़ा के अफेयर की खबरें चर्चा में बनी हुई है. दोनों ने अपने रिश्ते को लगभग जगजाहिर कर दिया है. उन्हें अक्सर साथ में स्पॉट किया जाता है. अर्जुन-मलाइका का साथ फैंस को खूब पसंद आ रहा है. मगर करण जौहर के शो में पहुंचे आदित्य रॉय कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा का मानना है कि अर्जुन के लिए परफेक्ट मैच परिणीति चोपड़ा हैं.
करण जौहर ने रैपिड फायर राउंड के दौरान दोनों एक्टर्स से पूछा, आप अर्जुन कपूर के साथ किसे देखना पसंद करेंगे. हैरत वाली बात ये थी कि दोनों में से किसी ने भी मलाइका अरोड़ा का नाम नहीं लिया. उन्होंने परिणीति चोपड़ा को सलेक्ट किया और अर्जुन कपूर के लिए परफेक्ट मैच बताया. दोनों एक्टर्स का जवाब सुनकर करण जौहर को लगा कि ये मलाइका अरोड़ा को निराश कर सकता है.
बता दें, अर्जुन कपूर और मलाइका ने अभी तक अफेयर को कंफर्म नहीं किया है. लेकिन जिस तरह से वे साथ में नजर आते हैं, उनकी करीबियां देखते ही बनती है. कपल ने रिलेशन की खबरों को महज अफवाह ही बताया है. खुद करण जौहर कई मौकों पर दोनों के डेट करने का इशारा कर चुके हैं.
मलाइका और अर्जुन के इस साल शादी करने की भी चर्चा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अप्रैल में शादी कर सकते हैं. अर्जुन के वर्कफ्रंट की बात करें तो वे संदीप और पिंकी फरार, इंडियाज मोस्ट वांटेड और पानीपत में नजर आएंगे.
करण जौहर के शो में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने निजी जिंदगी से जुड़े कई सवालों का बेबाकी से जवाब दिया. सिद्धार्थ ने कहा कि आलिया संग उनका रिश्ता सामान्य है, उनके रिश्ते में कड़वाहट नहीं है. वहीं एक्टर ने जैकलीन फर्नांडीज और कियारा आडवाणी संग अफेयर की खबरों को गलत बताया है.
सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने आजतक से बातचीत में बताया है कि इस केस में राज्य सरकार ने राजीव कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जांच में पाया गया कि SIT ने कई सबूत जब्त किए थे, लेकिन ये सबूत सीबीआई टीम को नहीं दिए गए. उन्होंने दावा किया कि सीबीआई ने राजीव कुमार और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया था, लेकिन किसी ने जांच में सहयोग नहीं किया. इसके बाद जब कोई रास्ता नहीं बचा तो सीबीआई ने पूछताछ की कार्रवाई शुरू की. हालांकि, टीएमसी सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि राजीव कुमार स्वयं सीबीआई को पत्र लिखकर पूछताछ के लिए कह चुके हैं.
वहीं, रविवार को जब यह घटनाक्रम हुआ तो उसके बाद बंगाल पुलिस ने बताया कि सीबीआई अफसरों ने एक गोपनीय अभियान पर होने की बात बताई और उनके पास संतोषजनक दस्तावेज नहीं थे. हालांकि, सीबीआई टीम कानून के दायरे में पूछताछ के लिए जाने का दावा कर रही है. बहरहाल, पुलिस और सीबीआई की यह जंग सियासी मोड़ लेते हुए अब सुप्रीम कोर्ट के दर तक पहुंच रही है.
करण जौहर ने रैपिड फायर राउंड के दौरान दोनों एक्टर्स से पूछा, आप अर्जुन कपूर के साथ किसे देखना पसंद करेंगे. हैरत वाली बात ये थी कि दोनों में से किसी ने भी मलाइका अरोड़ा का नाम नहीं लिया. उन्होंने परिणीति चोपड़ा को सलेक्ट किया और अर्जुन कपूर के लिए परफेक्ट मैच बताया. दोनों एक्टर्स का जवाब सुनकर करण जौहर को लगा कि ये मलाइका अरोड़ा को निराश कर सकता है.
बता दें, अर्जुन कपूर और मलाइका ने अभी तक अफेयर को कंफर्म नहीं किया है. लेकिन जिस तरह से वे साथ में नजर आते हैं, उनकी करीबियां देखते ही बनती है. कपल ने रिलेशन की खबरों को महज अफवाह ही बताया है. खुद करण जौहर कई मौकों पर दोनों के डेट करने का इशारा कर चुके हैं.
मलाइका और अर्जुन के इस साल शादी करने की भी चर्चा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अप्रैल में शादी कर सकते हैं. अर्जुन के वर्कफ्रंट की बात करें तो वे संदीप और पिंकी फरार, इंडियाज मोस्ट वांटेड और पानीपत में नजर आएंगे.
करण जौहर के शो में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने निजी जिंदगी से जुड़े कई सवालों का बेबाकी से जवाब दिया. सिद्धार्थ ने कहा कि आलिया संग उनका रिश्ता सामान्य है, उनके रिश्ते में कड़वाहट नहीं है. वहीं एक्टर ने जैकलीन फर्नांडीज और कियारा आडवाणी संग अफेयर की खबरों को गलत बताया है.
सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने आजतक से बातचीत में बताया है कि इस केस में राज्य सरकार ने राजीव कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जांच में पाया गया कि SIT ने कई सबूत जब्त किए थे, लेकिन ये सबूत सीबीआई टीम को नहीं दिए गए. उन्होंने दावा किया कि सीबीआई ने राजीव कुमार और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया था, लेकिन किसी ने जांच में सहयोग नहीं किया. इसके बाद जब कोई रास्ता नहीं बचा तो सीबीआई ने पूछताछ की कार्रवाई शुरू की. हालांकि, टीएमसी सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि राजीव कुमार स्वयं सीबीआई को पत्र लिखकर पूछताछ के लिए कह चुके हैं.
वहीं, रविवार को जब यह घटनाक्रम हुआ तो उसके बाद बंगाल पुलिस ने बताया कि सीबीआई अफसरों ने एक गोपनीय अभियान पर होने की बात बताई और उनके पास संतोषजनक दस्तावेज नहीं थे. हालांकि, सीबीआई टीम कानून के दायरे में पूछताछ के लिए जाने का दावा कर रही है. बहरहाल, पुलिस और सीबीआई की यह जंग सियासी मोड़ लेते हुए अब सुप्रीम कोर्ट के दर तक पहुंच रही है.
Friday, February 1, 2019
14 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सपाक्स, पांच पर लगाएगी जोर, कई प्रदेशों से चुनाव लड़ेगी पार्टी
प्रदेश में सपाक्स पार्टी 14 सीटों पर लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी उतारेगी। शेष सीटों पर समर्थक दलों के प्रत्याशी उतरेंगे। पार्टी फरवरी के अंत में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर देगी। प्रत्याशियों के नामों की स्क्रूटनी शुरू कर दी गई है।
सपाक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने बताया कि 29 सीटों में से 14 सीटों पर पार्टी प्रत्याशी उतारेगी। फोकस पांच सीटों पर रहेगा। इनमें इंदौर, मंदसौर, रीवा, सतना और जबलपुर सीटें शामिल हैं। पार्टी उन सीटों पर ताकत लगाएगी जहां सामान्य और पिछड़े वर्ग के वोटर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन
त्रिवेदी ने बताया कि समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन किया गया है। इसके लिए चर्चा चल रही है कि किस लोकसभा सीट पर किस दल का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। इस बार दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में भी सपाक्स के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। अन्य प्रदेशों में भी लोगों का समर्थन मिल रहा है।
सवाल - क्या आपको लगता है कि बाबा रामदेव को भी भारत-रत्न दिया जाना चाहिए?
जवाब : आयुर्वेद को आगे बढ़ाने में उनका योगदान किसी से छिपा नहीं है। देश को उन्होंने गौरव दिलाया। उनके व्यक्तित्व की गहराई को मैं ज्यादा समझता हूं। खाते-पीते, सोते-जागते वे देश के बारे में सोचते हैं। उन्होंने जीवन लगा दिया। उनको यह सम्मान देते हैं तो देश का गौरव ही बढ़ेगा।
सवाल - क्या मप्र में और निवेश करेंगे, इंदौर की इकाई से उत्पादन कब तक होगा?
जवाब : इंदौर में एक हजार टन गेहूं की प्रोसेसिंग होने जा रही है जो वृहद है। नागपुर में संतरे की प्रोसेसिंग इकाई लगी है। शाजापुर का बी व सी ग्रेड का पूरा संतरा नागपुर ले जाएंगे। जहां तक नए निवेश की बात है तो कच्चे माल की उपलब्धता का सर्वे करा रहे हैं। जल्द ही आगे निर्णय लेंगे।
माफिया सरगना रवि पुजारी के सेनेगल (अफ्रीका) की राजधानी डकार से गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। उसे पूछताछ के लिए भारत भी लाया जा सकता है। इससे पहले माना जा रहा था कि पुजारी ऑस्ट्रेलिया में छिपा है। 1990 के दशक में वह मुंबई से अपना गिरोह संचालित करता था। कर्नाटक पुलिस ने पुजारी के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था।
छोटा राजन को उस्ताद मानता था
रवि पुजारी छोटा राजन को अपना उस्ताद मानता था। राजन और पुजारी अंतरराष्ट्रीय अपराधी दाऊद इब्राहिम के लिए काम करते थे। हालांकि, 2001 में दोनों अलग हो गए। राजन फिलहाल नवी मुंबई की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
माना जाता है कि जब मुंबई पुलिस ने कई शूटरों को गिरफ्तार कर लिया तो पुजारी ने बेंगलुरु को अपना अड्डा बनाया। वह मूल रूप से मैंगलोर के पदबिद्री का रहने वाला है। वह फर्राटेदार अंग्रेजी और कन्नड़ बोलता है।
पिछले साल जवाहरलाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के नेता उमर खालिद, स्टूडेंट एक्टिविस्ट शहला राशिद और दलित नेता और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने पुजारी की तरफ से धमकी मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी समेत देश के खिलाफ काम कर रहे लोगों को भी धमकी दी थी।
पुजारी पर यह भी आरोप है कि 2009 से 2013 के बीच वह बॉलीवुड की हस्तियों से जबरन वसूली करता था। 15 साल से फरार पुजारी की हत्या, वसूली, अपहरण, धोखाधड़ी जैसे कई मामलों में तलाश है। उस पर सुपारी लेकर हत्या कराने के भी आरोप हैं।
सपाक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने बताया कि 29 सीटों में से 14 सीटों पर पार्टी प्रत्याशी उतारेगी। फोकस पांच सीटों पर रहेगा। इनमें इंदौर, मंदसौर, रीवा, सतना और जबलपुर सीटें शामिल हैं। पार्टी उन सीटों पर ताकत लगाएगी जहां सामान्य और पिछड़े वर्ग के वोटर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन
त्रिवेदी ने बताया कि समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन किया गया है। इसके लिए चर्चा चल रही है कि किस लोकसभा सीट पर किस दल का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। इस बार दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में भी सपाक्स के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। अन्य प्रदेशों में भी लोगों का समर्थन मिल रहा है।
सवाल - क्या आपको लगता है कि बाबा रामदेव को भी भारत-रत्न दिया जाना चाहिए?
जवाब : आयुर्वेद को आगे बढ़ाने में उनका योगदान किसी से छिपा नहीं है। देश को उन्होंने गौरव दिलाया। उनके व्यक्तित्व की गहराई को मैं ज्यादा समझता हूं। खाते-पीते, सोते-जागते वे देश के बारे में सोचते हैं। उन्होंने जीवन लगा दिया। उनको यह सम्मान देते हैं तो देश का गौरव ही बढ़ेगा।
सवाल - क्या मप्र में और निवेश करेंगे, इंदौर की इकाई से उत्पादन कब तक होगा?
जवाब : इंदौर में एक हजार टन गेहूं की प्रोसेसिंग होने जा रही है जो वृहद है। नागपुर में संतरे की प्रोसेसिंग इकाई लगी है। शाजापुर का बी व सी ग्रेड का पूरा संतरा नागपुर ले जाएंगे। जहां तक नए निवेश की बात है तो कच्चे माल की उपलब्धता का सर्वे करा रहे हैं। जल्द ही आगे निर्णय लेंगे।
माफिया सरगना रवि पुजारी के सेनेगल (अफ्रीका) की राजधानी डकार से गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। उसे पूछताछ के लिए भारत भी लाया जा सकता है। इससे पहले माना जा रहा था कि पुजारी ऑस्ट्रेलिया में छिपा है। 1990 के दशक में वह मुंबई से अपना गिरोह संचालित करता था। कर्नाटक पुलिस ने पुजारी के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था।
छोटा राजन को उस्ताद मानता था
रवि पुजारी छोटा राजन को अपना उस्ताद मानता था। राजन और पुजारी अंतरराष्ट्रीय अपराधी दाऊद इब्राहिम के लिए काम करते थे। हालांकि, 2001 में दोनों अलग हो गए। राजन फिलहाल नवी मुंबई की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
माना जाता है कि जब मुंबई पुलिस ने कई शूटरों को गिरफ्तार कर लिया तो पुजारी ने बेंगलुरु को अपना अड्डा बनाया। वह मूल रूप से मैंगलोर के पदबिद्री का रहने वाला है। वह फर्राटेदार अंग्रेजी और कन्नड़ बोलता है।
पिछले साल जवाहरलाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के नेता उमर खालिद, स्टूडेंट एक्टिविस्ट शहला राशिद और दलित नेता और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने पुजारी की तरफ से धमकी मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी समेत देश के खिलाफ काम कर रहे लोगों को भी धमकी दी थी।
पुजारी पर यह भी आरोप है कि 2009 से 2013 के बीच वह बॉलीवुड की हस्तियों से जबरन वसूली करता था। 15 साल से फरार पुजारी की हत्या, वसूली, अपहरण, धोखाधड़ी जैसे कई मामलों में तलाश है। उस पर सुपारी लेकर हत्या कराने के भी आरोप हैं।
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